• Nov 12, 2019
  • 17:36 PM
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  • Website Last Updated: Nov 12, 2019

         राजकीय कन्या महाविद्यालय, पाढ़ा करनाल जिले में स्थित है, इस महाविद्यालय की स्थापना 15 मई, 2018 को हरियाणा सरकार द्वारा की गई। सत्र 2018-2019 में बी. ए. प्रथम सेमेस्टर के लिए 160 सीट और बी. कॉम. प्रथम सेमेस्टर के लिए उच्चत्तर शिक्षा विभाग ने 80 सीटें महाविद्यालय को आबंटित की जिसमें से यहां 153 छात्राओं ने दाखिला लिया जो कि किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित नवीन महाविद्यालयों में सर्वाधिक संख्या थी। डॉ. सुरेंद्र सिंह, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, घरौंडा को इसका अतिरिक्त कार्य भार सौंपा गया जिसका उन्होंने भख़ूबी निर्वहन किया और पूरे तन-मन-धन से महाविद्यालय में दाखिले के लिए गांव-गांव गए। छात्राओं को आस-पास के गांवों से लाने और वापिस छोड़ने के लिए आर्य कन्या गुरुकुल भी काफी सराहनीय कार्य कर रहा है चूंकि आस-पास के गांवों का परिवहन के लिहाज से सीधा संपर्क नहीं है। महाविद्यालय का खुलना आस-पास के गांवों की लड़कियों के लिए उच्चतर शिक्षा ग्रहण करना अब सहज, सुगम और किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। महाविद्यालय ने अपने शुरुआती क्षणों में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित करवाएं जैसे:- प्रतिभा खोज प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, कार्टून, पोस्टर मेकिंग, प्रशोनत्तरी, भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा से स्टाफ, अपने साथियों आदि का मन मोह लिया। महाविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, स्वच्छता अभियान, राष्ट्रीय मतदाता दिवस भी आयोजित किये गए। महाविद्यालय से सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. वेदववती, डॉ. पुष्पा मित्तल जी है। वर्तमान में महाविद्यालय आर्य कन्या गुरुकुल, पाढ़ा (करनाल) के परिसर में चल रहा है और जल्द ही शिक्षा विभाग की तरफ से महाविद्यालय के भवन का निर्माण-कार्य शुरू हो जाएगा। महाविद्यालय के नाम छह एकड़ चार मरले जमीन पंजीकृत है जो कि आर्य कन्या गुरुकुल के द्वारा हरियाणा सरकार को दान के रूप में महाविद्यालय के लिए दी है। महाविद्यालय को ऊंचाईयों पर लाने में काफी मेहनत की गई है जिसमें आर्य कन्या गुरुकुल, पाढ़ा के पूर्व प्रधान श्री धर्मबीर जी का भी काफी योगदान रहा है जो कि बाद में इनेलो पार्टी से MP के पद हेतु करनाल लोक सभा क्षेत्र से चुनाव लड़े। विभिन्न महाविद्यालयों से डेपुटेशन पर आए सहायक/सहयोगी प्राध्यापकों ने भी पूरे तन-मन-धन से सहयोग किया है, वस्तुतः महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक अपना प्रमुख योगदान देते है। सत्र 2018-2019 में अनुसूचित जाति की छात्राओं को PFMS के माध्यम से 14000/- (प्रत्येक छात्रा)छात्रवृतियां प्रदान की गई है। बाकी छात्रवृतियां जो बजट के न आने से रह गयी थी, वो अब वितरित कर दी जाएंगी। नवीन महाविद्यालयों में राजकीय कन्या महाविद्यालय ही ऐसा महाविद्यालय रहा है जो प्रथम प्रयास में परीक्षा-केंद्र लाने में सफल रहा और बच्चों ने महाविद्यालय में ही परीक्षा दी जो कि अपने आप में एक ऐतिहासिक कार्य रहा जबकि कई महाविद्यालय ऐसे भी थे जो सात या आठ साल पहले स्थापित हो चुके थे लेकिन परीक्षा-केंद्र से वंचित थे। लड़कियों को बेहतर सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास किये जाते है चाहे वो विश्वविद्यालय परीक्षा के लिए आवेदन हो, ऑनलाइन दाखिला फॉर्म हो महाविद्यालय फ्री ऑफ कॉस्ट सहायता देने की कोशिश करता है ताकि बच्चे अनावश्यक परेशानियों से विचलित न हो। सत्र 2019-2020 के लिए उच्चत्तर शिक्षा विभाग की तरफ से बी. ए. प्रथम सेमेस्टर के लिए 160 सीट और बी. कॉम. -प्रथम सेमेस्टर के लिए 80 सीटें आरक्षित है। वर्तमान में डॉ. अनुराधा पुनिया महाविद्यालय में अतिरिक्त कार्यभार के साथ प्राचार्या के पद पर कार्यरत है।